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भारत की सबसे बड़ी प्रिंट मीडिया कंपनी दैनिक भास्कर और प्रसिद्ध फूड ब्लॉगर निशा मधुलिका की सफलता का ताला एक ही चाबी से खुला है। और वह चाबी हिंदी-उर्दू ज़बान की है। शौकिया तौर पर हिंदी में फूड ब्लॉग शुरू करने वाली निशा के आज यू-ट्यूब पर 3,80,000 से ज़्यादा सब्सक्राइबर हैं। दूसरी ओर दैनिक भास्कर समूह के सी.ई.ओ ज्ञान गुप्ता बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की बढ़ती पहुँच से स्थानीय भाषा में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या 47 % की दर से बढ़ रही है। यह बात अलग है कि मातृभाषा के रूप में हिंदी बोलने वाले 26 करोड़ भारतीयों के लिए इंटरनेट पर केवल 0.04 % वेबसाइटें हिंदी में उपलब्ध है। गूगल इस परेशानी को कैसे दूर कर रहा है। इस मसले पर रौशनी डालता यह आलेख।
http://apac.thinkwithgoogle.com/articles/hindi-matters-digital-age.html

 

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